G-20 का मतलब है ग्रुप-20. यह दुनिया के 20 बड़े देशों का एक ऐसा समूह, जो वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ एक संगठन के रूप में काम करने का लक्ष्य रखता है. जब सभी 20 देशों के राष्ट्र अध्यक्ष चर्चा करने के लिए एक तय स्थान पर इकट्ठा होते हैं तो इसे ही समिट कहा जाता है, जिसे एक तरह की महापंचायत भी कह सकते हैं.

2008 में इसके गठन के बाद 24 साल में 18वां सम्मेलन नई दिल्ली में होने जा रहा है. इसका पहला सम्मेलन 14-15 नवंबर को अमेरिका का वाशिंगटन, दूसरा सम्मेलन 2009 में 2 अप्रैल को हुआ.

भारत में जी 20 देशों की बैठक राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 8 से 10 सितंबर के बीच होने जा रही है. भारत में इस तरह का इतना बड़ा पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी सालभर से तैयारी चल रही थी. भारत में जी 20 का 18वां सम्मेलन होने जा रहा है, इससे पहले 17 बार बैठक हुई है. जी 20 की स्थापना साल 2008 में कई गई थी और पहली इसकी बैठक अमेरिकी में हुई थी.

भारत में होने जा रहे इस सम्मेलन में एक तरफ जहां रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नहीं आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी नहीं आएंगे. चीन की तरफ से इस सम्मेलन में वहां के प्रधानमंत्री को भेजा जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये जी 20 सम्मेलन क्या है और इसका आखिर क्या मकसद है?

सबसे पहले आपको बताते है कि जी 20 का गठन किस तरह से किया गया. ये दरअसर जी 8 देशों का विस्तार है. शुरुआत में एक जी-7 ग्रुप होता था, जिसमें कनाडा, अमेरिका, जर्मनी, इटली, फ्रांस, जापान और ब्रिटेन इसके सदस्य होते थे. लेकिन, रुस में इस ग्रुप के साथ साल 1998 में जुड़ गया.

कब कहां हुआ सम्मेलन?

जी 20 का सातवां सम्मेलन साल 2012 में 18 और 19 जून को मैक्सिको में हुआ, इसके बाद आठवां सम्मेलन इसी साल रुस में हुआ. नौवां सम्मेलन पीट्सबर्ग में साल 2014 में 15-16 नवंबर को हुआ. दसवां सम्मेलन तुर्की में साल 2015 में 15-16 नवंबर को किया गया. ग्यारहवां सम्मेलन साल 2016 में चीन में 4-5 सितंबर को किया गया.

जी 20 का बारहवां सम्मेलन जर्मनी के हैमबर्ग में साल 2017 में 7-8 जुलाई को किया गया. इसका 13वां सम्मेलन 2018 में अर्जेंटीना में 1 दिसंबर 2018 को आयोजित किया गया. चौदहवां सम्मेलन ओसाका में साल 2019 में 28-29 जून को किया गया.

पन्द्रहवां सम्मेलन 2020 में सऊदी अरब में कोरोना के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 21 और 22 नवंबर को किया गया. इसके बाद 16वां सम्मेलन इटली के रोम में 2021 में 30-31 अक्टूबर को आयोजित किया गया. 17वां सम्मेलन इंडोनेशिया में साल 2022 में 15-16 नवंबर को आयोजित किया गया. 18वां जी 20 सम्मेलन 9-10 सितंबर को भारत में होने जा रहा है. 19वां सम्मेलन ब्राजील में 2024 में हो सकता है.

क्या है G20 के पास शक्तिया

जहां तक जी 20 को अधिकारी की बात है तो संयुक्त राष्ट्र की तरफ से इसके बाद कोई विधायी शक्ति नहीं है और न ही इसके सदस्य देशों के बीच उस फैसले को मानने की कोई कानूनी बाध्यता है. मुख्य रुप से समझें तो जी 20 सदस्य देशों के बीच दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने और उसको बढ़ावा देने पर चर्चा होती है. इसमें एजुकेशन, रोजगार और खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित करने जैसे मुद्दों पर फैसले लिए जाते हैं.

इसका कोई मुख्यालय या सचिवालय नहीं है. जी 20 के अध्यक्ष का फैसला ट्रोइका से तय किया जाता है और हर सम्मेलन को वर्तमान, पिछले और भविष्य के राष्ट्राध्यक्षों के समर्थन से आयोजित किया जाताी है, आसान भाषा में समझे तो इस बार ट्रोइका में इंडोनेशिया, भारत और ब्राजील है.

G20 का क्या काम है

दरअसल, G-20 ऑर्गनाइजेशन 20 बड़े देशों का एक ग्रुप है. इन सभी 20 मुल्कों के हेड ऑफ स्टेट एक जगह मिलकर मीटिंग करके वैश्विक स्तर पर कई मुद्दों पर चर्चा करते हैं. जानकारी के मुताबिक पहले इस समिट में इन सभी देशों के फाइनेंस मीनिस्टर्स ही शामिल होते थे, लेकिन फिर इसका लेवल बढ़ा दिया गया.

G20 में कितने देश शामिल है

ग्लोबल इकोनॉमी में जी 20 की हिस्सेदारी 80 फीसदी

इसके सदस्य देशों में भारत के अलावा फ्रांस, चीन, कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, अमेरिका, यूके, तुर्की, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, रूस, मैक्सिको, जापान, इटली, इंडोनेशिया तथा 20वें सदस्य के तौर पर यूरोपीय संघ शामिल है।

G20 में कोनसे देश आते हैं

G20 के सदस्य

  • भारत
  • अमेरिका
  • चीन
  • रूस
  • ब्राजील
  • कनाडा
  • अर्जेंटीना
  • ऑस्ट्रेलिया
  • फ्रांस
  • जर्मनी
  • इंडोनेशिया
  • इटली
  • जापान
  • मेक्सिको
  • कोरिया गणराज्य
  • सऊदी अरब
  • दक्षिण अफ्रीका
  • तुर्की
  • ब्रिटेन
  • यूरोपीय

G20 कैसे काम करता है

G20 शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।

G20 बैठक सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वित्त मंत्रियों और राष्ट्राध्यक्षों को एक साथ लाती है । यह स्वयं को “अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए प्रमुख मंच” के रूप में प्रस्तुत करता है। वैश्विक वित्तीय संकट सामने आने के बाद नवंबर 2008 में राष्ट्राध्यक्षों की पहली बार आधिकारिक बैठक हुई।

G20 क्यो बनाया गया था

G20 की शुरुआत

G20 की स्थापना 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में की गई थी।

G20 के नए अध्यक्ष कौन है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीकन यूनियन के अध्‍यक्ष अजाली असौमनी (African Union President Ajali Assoumani) को गले लगाकर उनका G20 समूह में स्‍वागत किया.

भारत में G20 कब होगा

Delhi G20 Summit 2023: आज 9 सितंबर शुक्रवार से दिल्‍ली में दो दिवसीय शिखर सम्‍मेलन G20 शुरू होने जा रहा है. जानिए आज भारत मंडपम में किस समय कौन सा कार्यक्रम होगा. G20 Summit 2023 in India: आज का दिन भारत के लिए बहुत खास है.

भारत जी20 का सदस्‍य कब बना

यह 18वां जी-20 शिखर सम्मेलन है. साल 1999 में स्थापित जी-20 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है. अध्यक्षता मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे अमिताभ कान्त को इसके लिए शेरपा नियुक्त किया है. उनके पहले शेरपा की जिम्मेदारी केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल के कंधों पर थी.

G20 का आदर्श वाक्य क्या है?

1 दिसंबर, 2022 को भारत ने “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के आह्वान के साथ भारत ने G20 की अध्यक्षता ग्रहण की थी. यह आदर्श वाक्य हमारी सालों पुरानी सभ्यता लोकाचार और वसुधैव कुटुंबकम (दुनिया एक परिवार है) के विचार से मेल खाता है.

G20 2023 की थीम क्या है

G20 Summit 2023 की क्या है थीम? (G20 Summit 2023 Theme) G20 Summit 2023 की इस बार की थीम Vasudhaiva Kutumbakam है. इसका मतलब होता है, एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य.

G20 का उदेश्य क्या है 2023?

जी20 जैसे अहम समूह में अफ्रीकन यूनियन के शामिल होने से दुनिया में नई विश्व व्यवस्था का निर्माण होगा, जिसमें विकासशील और गरीब देशों को भी वैश्विक फैसले करने की व्यवस्था में प्रतिनिधित्व मिलेगा।

G20 की पहली बैठक कब हुई थी

यानी इस बैठक में अब तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे. इस तरह से जी20 की पहली बैठक साल 2008 में अमेरिका के वॉशिंगटन में हुई. अब तक इसकी कुल 17 बैठकें हो चुकी हैं


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