Atal Pension Yojana अटल पेंशन योजना का फायदा उठाने के लिए आपकी उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चहिए. अटल पेंशन योजना में निवेश करने से रिटायरमेंट के बाद के खर्च करने के लिए आपको नियमित आय मिलती है. रिटायर होने के बाद आप हर माह पेंशन पाने के हकदार हो सकते हैं.

APY News Updates: अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana ) असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद सामजिक सुरक्षा स्कीम है. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana ) में निवेश करने से रिटायरमेंट के बाद के खर्च करने के लिए आपको नियमित आय मिलती है.

केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana ) को मई 2015 में शुरू किया था. इससे पहले असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए Atal Pension Yojana जैसी कोई योजना नहीं थी.

अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) में निवेश से रिटायर होने के बाद आप हर माह पेंशन पाने के हकदार हो सकते हैं. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर आपकी असामयिक मृत्यु हो जाती है तो आपके परिवार को फायदा जारी रखने का प्रावधान है.

अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) में निवेश करने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी और पत्नी की भी मृत्यु होने की स्थिति में बच्चों को पेंशन मिलने का प्रावधान है.

रिटायर होने के बाद जीवनभर पेंशन पाने के लिए आपको पेंशन स्कीम में कुछ सालों तक ही निवेश करना होता है. आपके निवेश के साथ ही सरकार भी अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) में अपनी ओर से भी अंशदान देती है.

किसके लिए है अटल पेंशन योजना?

अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) में कोई भी भारतीय निवेश शुरू कर सकता है. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) में भाग लेने के लिए आपका बैंक खाता होना जरूरी है. अटल योजना में खाता खोलने के लिए इसे आधार कार्ड से जुड़ा होना भी जरूरी है. अटल पेंशन योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिल सकता है जो इनकम टैक्स स्लैब से बाहर हैं.

अटल पेंशन योजना में उम्र की है सीमा क्या है?

अटल पेंशन योजना के लिए लोगों को 6 भागों में बांटा गया है. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) का फायदा उठाने के लिए आपकी उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चहिए. अटल योजना (Atal Pension Yojana) के तहत पेंशन पाने के लिए आपको कम से कम 20 साल तक निवेश करना होगा.

अटल योजना में कितना पेंशन मिलेगा ?

अटल स्कीम में पेंशन की रकम आपके द्वारा किए गए निवेश और आपकी उम्र पर निर्भर करती है. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) के तहत कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकता है. 60 साल की उम्र से आपको पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा.

क्या है एपीवाई का फायदा ?

आप जितनी जल्दी अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) से जुड़ेंगे उतना अधिक फायदा मिलेगा. अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) से जुड़ता है तो उसे हर महीने 210 रुपये का निवेश करना होगा.

रिटायर होने के बाद 60 साल की उम्र से आपको हर महीने 5000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी.

कौन नहीं हो सकता है एपीवाई में शामिल ?

ऐसे लोग जो आयकर के दायरे में आते हैं, सरकारी इम्प्लाई हैं या फिर पहले से ही ईपीएफ, ईपीएस जैसी योजना का लाभ ले रहे हैं वे अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) का हिस्सा नहीं बन सकते.

अटल पेंशन योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • अटल पेंशन योजना की स्थापना भारत सरकार द्वारा 60 वर्ष की आयु के बाद सभी भारतीयों को गारंटीकृत मासिक पेंशन प्रदान करने के लिए की गई थी। इसके लक्ष्य मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के गरीब, वंचित और श्रमिक हैं। इसे पीएफआरडीए (पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण) द्वारा एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) संरचना के माध्यम से विनियमित किया जाता है।
  • 1000 रु. से 5000 रु. प्रति माह (1000 के गुणकों में) के बीच अभिदाताओं हेतु न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी ।
  • न्यूनतम पेंशन की गारंटी भारत सरकार द्वारा इस अर्थ में दी जाएगी, कि यदि पेंशन अंशदान पर वास्तविक प्राप्त प्रतिलाभ अंशदान की अवधि में न्यूनतम गारंटीकृत पेंशन के लिए अनुमानित प्रतिफल से कम है, तो ऐसी कमी को सरकार द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा। वहीं यदि पेंशन योगदान पर वास्तविक प्रतिलाभ न्यूनतम गारंटीकृत पेंशन के लिए अनुमानित प्रतिलाभ से अधिक है तो अंशदान की अवधि के दौरान, इस तरह की अधिकता को ग्राहकों के खाते में जमा किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप अभिदाताओं को योजना के लाभ में वृद्धि होगी ।
  • केवल पहले 5 वर्षों के लिए भारत सरकार भी अभिदाताओं के योगदान का 50% या 1000/- रु. प्रति वर्ष, जो भी कम हो, का सह-अंशदान करेगी।
  • योगदान का लाभ 5 वर्ष की अवधि के लिए है और यह योजना उन लोगों के लिए है जो दिनांक 1.06.2015 से 31.03.2016 की अवधि के बीच खाते खोलते हैं।

पात्रता:

  • 18-40 वर्ष की आयु के बीच के भारत के सभी नागरिकों के लिए लागू होगा।
  • आधार इसका प्राथमिक केवाईसी होगा।
  • यदि खाता खोलने के समय उपलब्ध नहीं है तो आधार विवरण बाद में जमा किया जा सकता है।
  • सभी बैंक खाताधारक एपीवाई में शामिल हो सकते हैं

कौन पात्र नहीं है?

  • निम्नलिखित व्यक्ति निम्नलिखित मानदंडों पर सरकार के योगदान के लिए पात्र नहीं हैं।
  • जो 01.04.2016 को या उसके बाद योजना में शामिल हुआ।
  • यदि वह आयकर दाता है।
  • यदि वह किसी सामाजिक सुरक्षा योजना अथवा कर्मचारी भविष्य निधि योजना के अंतर्गत रक्षित है।
  • प्रवासी भारतीय (एनआरआई) खाता खोलने हेतु पात्र नहीं हैं। यदि कोई भारतीय नागरिक एपीएस योजना के कार्यकाल के दौरान एनआरआई बन जाता है, तो खाता बंद कर दिया जाएगा और संपूर्ण योगदान और उन पर अर्जित प्रतिलाभ का भुगतान खाताधारक को कर दिया जाएगा

निकास:

  • 60 वर्ष की आयु हो जाने पर
  • इस उम्र में पेंशन धन/मूल निधि के 100% वार्षिकीकरण की अनुमति है। निकासी पर ग्राहक को पेंशन उपलब्ध होगी।
  • अभिदाता की मृत्यु के मामले में पेंशन पति/पत्नी को उपलब्ध होगी और उन दोनों (अभिदाता और पति/पत्नी) की मृत्यु पर पेंशन मूल निधि उसके नामिती को दे दी जाएगी।
  • 60 वर्ष की आयु से पूर्व स्वैच्छिक निकास की अनुमति है। ऐसे अभिदाताओं के मामले में जिन्होंने एपीवाई के तहत सरकारी सह-अंशदान का लाभ लिया है, उसके अंशदान पर शुद्ध वास्तविक अर्जित आय (खाता रखरखाव शुल्क काटने के बाद) के साथ, सरकारी सह-अंशदान, और सरकारी सह-अंशदान पर अर्जित उपचित आय, उसे नहीं दी जाएगी।

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