स्मार्ट सिटीज़ मिशन (एससीएम) भारत में 100 शहरों के निर्माण के लिए एक समग्र शहर कार्यक्रम है। इसे 25 जून 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इस स्मार्ट सिटी मिशन का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे को उन्नत करने और देश के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए शहरों को बढ़ावा देना है।

एक नज़र में विस्तृत जानकारी

एक समय था जब भारत को नागाओं और भिखारियों का देश कहा जाता था। लेकिन अब जनसांख्यिकी बदल गई है और भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। लेकिन कुछ क्षेत्र अभी भी सरकार के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं.

2011 की जनगणना के अनुसार भारत में स्लम आबादी शहरी आबादी का 17.36% है। अब सरकार अधिक से अधिक लोगों को गरीबी और मलिन बस्तियों के चंगुल से बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। इसलिए स्मार्ट सिटी परियोजना का शुभारंभ इस दिशा में एक अच्छा कदम है।

लॉन्च की तारीख:

स्मार्ट सिटीज़ मिशन (एससीएम) भारत के 100 शहरों के लिए 25 जून 2015 को शुरू किया गया एक समग्र शहर कायाकल्प कार्यक्रम है।

स्मार्ट सिटी मिशन

स्मार्ट सिटीज़ मिशन का उद्देश्य उन शहरों को बढ़ावा देना है जो मुख्य बुनियादी ढाँचा प्रदान करते हैं और अपने नागरिकों को जीवन की सभ्य गुणवत्ता, स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण और ‘स्मार्ट’ समाधानों का अनुप्रयोग प्रदान करते हैं।

स्मार्ट सिटी मिशन का खर्च:

स्मार्ट सिटी मिशन एक केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में संचालित किया जा रहा है और केंद्र सरकार द्वारा मिशन को पांच साल में करीब प्रति वर्ष प्रति शहर 100 करोड़ रुपये औसत वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव है.

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत दिसम्बर 2018 तक; 2,05,018 करोड़ रुपए के 5000 से ज्यादा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की शुरुआत और कार्यान्वयन किया जा चुका है.

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 2017-2022 के बीच शहरों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, और उम्मीद है कि मिशन 2022 से परिणाम दिखाना शुरू कर देगा.

स्मार्ट शहरों का चयन करने के लिए मानदंड:

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का चयन 2 चरणों की चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है। पहले चरण में राज्य/केंद्रशासित प्रदेश पूर्ववर्ती स्थितियों और स्कोरिंग मानदंडों के आधार पर और इन शहरों को आवंटित कुल संख्या के अनुसार संभावित स्मार्ट शहरों को शॉर्टलिस्ट करना शुरू करते हैं।

प्रतियोगिता का पहला चरण अंतर-राज्यीय होगा, जिसमें राज्य के शहर पूर्ववर्ती शर्तों और निर्धारित स्कोरिंग मानदंडों पर एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

दूसरे चरण में शहरी विकास मंत्रालय शहरों का चयन करता है। इस दौर में संभावित 100 स्मार्ट शहरों के बीच राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

इस चरण में प्रत्येक शहर अपना स्मार्ट सिटी प्रस्ताव (एससीपी) प्रस्तुत करता है जिसमें किस प्रकार का मॉडल चुना गया है, क्या रेट्रोफिटिंग या पुनर्विकास या ग्रीनफील्ड विकास या उसका मिश्रण जैसी जानकारी शामिल है और इसके अलावा स्मार्ट सॉल्यूशंस के साथ पैन-सिटी आयाम भी शामिल है।

सभी स्मार्ट सिटी प्रस्तावों का मूल्यांकन एक समिति द्वारा किया जाएगा जिसमें अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों, संगठनों और संस्थानों का एक पैनल शामिल होगा। चैलेंज के राउंड 1 के विजेताओं की घोषणा MoUD द्वारा की जाएगी।

स्मार्ट सिटी कैसे बन सकता है

स्मार्ट सिटी एक ऐसा विचार है जिसे केवल सरकार द्वारा ही पूरा किया जा सकता है। एक आम इंसान का इसमें योगदान हो सकता है कि वह इंटरनेट का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करें बेरोजगारी हटाने के लिए कुटीर उद्योग शुरू करें और घर में ही ज्यादा से ज्यादा उत्पाद करने का प्रयास करें और अपने व्यापार के जरिए अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने का प्रयास करें। हालांकि इस तरह के कार्य से एक आम आदमी के जरिए देश में बेरोजगारी का स्तर कुछ हद तक कम हो सकता है मगर इसे हम पूर्ण स्मार्ट सिटी नहीं कह सकते।

स्मार्ट सिटी में शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारना, स्कूल हॉस्पिटल और अलग-अलग पब्लिक जगहों को काफी उच्च स्थिति पर सभी सुविधाओं का इंतजाम करवाना सरकार की जिम्मेदारी होती है। बहुत सारे जगहों पर पुलिस जैसी सुविधाओं को भी ऑनलाइन शिफ्ट करने की कोशिश की गई है। इस तरह के बदलाव से शहरों में काफी अच्छा बदलाव देखने को मिलता है जिससे हम स्मार्ट सिटी कह सकते हैं।

स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सरकार को काफी अहम भूमिका निभानी पड़ती है और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ और भी साधारण चीज है जिनका लोग रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल करते है, उनका भी उच्च स्तर पर अच्छे तकनीक के जरिए सही तरीके से विकास होना चाहिए।

भारत में स्मार्ट सिटी का भविष्य

जिस प्रकार से भारत में प्रगति काफी तेजी से हो रही है और भारतीय सरकार देश में होने वाले परिवर्तन को लेकर काफी सजग है और चाहते है कि भारत में अच्छे स्मार्ट सिटी बने तो इसे देख कर हम इस बात का अनुमान लगा सकते है कि इसका काफी सुनहरा भविष्य है और भारत बहुत जल्द अपने स्मार्ट सिटी बनाने की मुहिम में सफल होगा।

हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने साल 2015 में भारत में स्मार्ट सिटी बनाने की मुहिम को शुरू किया था इस वक्त तक दिल्ली और वाराणसी जैसे शहरों को कुछ हद तक विकसित किया जा चुका है मगर अभी भी भारत में ऐसे शहर हैं जिन पर कार्य होना बाकी है।

भारत को इस प्रकार के शहर को बनाने के लिए काफी अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है और भारत इससे पीछे नहीं हट रहा। वह काफी तेजी से अपने शहरों को विकसित करने की इस मुहिम में लगा है और सभी लोगों के लिए बहुत जल्द भारत में भी अनेकों स्मार्ट सिटी देखने को मिलेंगे, जिससे लोगों की जीवन शैली में काफी बड़ा परिवर्तन आएगा और जीवन और भी आसान हो चुका होगा हम घर में बैठे हर काम को पूरा कर पा रहे होंगे।

स्मार्ट सिटी परियोजना की प्रगति:

  1. कवर किया गया कुल शहर: 100
  2. प्रभावित कुल शहरी जनसंख्या: 99,630,069
  3. परियोजना की कुल लागत (अन्य लागत – ओ एंड एम, आकस्मिकता, आदि सहित): रु। 203172 करोड़
  4. कुल क्षेत्र आधारित विकास लागत रु. 164,204 करोड़
  5. कुल पैन सिटी समाधान लागत रु. 38,914 करोड़.

स्मार्ट सिटी में मुख्य सुविधाओं में शामिल हैं:

  1. सुनिश्चित विद्युत आपूर्ति
  2. पर्याप्त जल आपूर्ति
  3. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सहित स्वच्छता सुविधाएँ
  4. सतत पर्यावरण
  5. अच्छा स्वास्थ्य एवं शिक्षा
  6. कुशल शहरी गतिशीलता और सार्वजनिक परिवहन
  7. किफायती आवास, विशेषकर गरीबों के लिए
  8. सुशासन, विशेषकर ई-गवर्नेंस और नागरिक भागीदारी
  9. मजबूत आईटी कनेक्टिविटी और डिजिटलीकरण
  10. नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा और संरक्षा

इसलिए केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी परियोजना का शुभारंभ इस देश की आम जनता को बेहतर जीवन शैली और सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस परियोजना की सबसे आकर्षक विशेषता यह है कि यह देश के समग्र विकास को बढ़ावा दे रही है और आशा है कि जल्द ही इस योजना के सकारात्मक परिणाम आम आदमी के जीवन में दिखाई देंगे।

निष्कर्ष

स्मार्ट सिटी के इस महत्व को समझते हुए सरकार देश का विकास इस तरह कर रही है ताकि शहरों की सभी समस्या खत्म हो सके और हमें अपने सभी परेशानी का हल अपने घर में बैठे-बैठे मिल सके जिससे जीवन शैली और आसान हो सके ताकि हम भारत को भी स्मार्ट सिटी वाला देश कह सकें।

हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न प्रकार के योजनाओं को चलाया गया ताकि हम एक अच्छे स्मार्ट सिटी तैयार कर सकें।

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